Sandeep Chavan
आधुनिक होने का अर्थ क्या केवल नई तकनीक, फैशन, भाषा या जीवनशैली अपनाना है?आधुनिकता के 7 संकेत इस परिचित धारणा को चुनौती देती है। संदीप चव्हाण आधुनिकता को किसी बाहरी पहचान के बजाय बदलती परिस्थितियों में सार्थक रूप से सहभागी बने रहने की क्षमता के रूप में देखते हैं।पुस्तक सात संकेतों के माध्यम से आधुनिक सहभागिता को समझती है-बदलाव को पहचानना, विरासत में मिली धारणाओं पर पुनर्विचार करना, उपलब्ध दुनिया का सक्षम उपयोग करना, आवश्यकता पड़ने पर पुनर्गठन करना, अनिश्चितता के बीच खुले रहना, बिना प्रदर्शन के सहभागी होना और भविष्य में योगदान देना।तकनीक, शिक्षा, पैसा, परिवार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सामाजिक दबाव और परंपरा जैसे परिचित संदर्भों के माध्यम से पुस्तक दिखाती है कि कोई व्यक्ति एक क्षेत्र में आधुनिक और दूसरे में जकड़ा हो सकता है। इसलिए आधुनिकता कोई स्थायी लेबल या स्कोर नहीं, बल्कि बदलती क्षमता-ज्यामिति है।अंततः प्रश्न यह नहीं कि हम आधुनिक दिखते हैं या नहीं, बल्कि यह है: जब दुनिया बदलती है, तब क्या हम स्वयं बने रहते हुए सक्षम, सजग और सार्थक सहभागी बने रह सकते हैं? 6